Aadhaar Card Update 2026 : UIDAI ने 1 करोड़ से अधिक आधार कार्ड और पैन कार्ड बंद किए, जानिए क्यों और क्या करना होगा ।

Aadhaar Card Update 2026 : UIDAI ने 1 करोड़ से अधिक आधार कार्ड और पैन कार्ड बंद किए, जानिए क्यों और क्या करना होगा ।

Aadhar Card Update 2026:देश भर में आधार कार्ड से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने हाल ही में यह घोषणा की है कि उसने करीब 1.4 करोड़ आधार नंबर निष्क्रिय (Deactivate) कर दिए हैं। यह कदम सरकार की उस क्लीन-अप ड्राइव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आधार डाटाबेस को त्रुटि-मुक्त और सटीक बनाना है ताकि केवल सही लाभार्थियों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।

क्यों हुए 1 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड बंद

UIDAI के मुताबिक, बड़ी संख्या में आधार कार्ड धारकों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां, अपूर्ण जानकारी और फर्जीवाड़े की शिकायतें मिली थीं । इन सीमाओं में शामिल हैं:

गलत नाम, जन्मतिथि या पता दर्ज होना।

10 साल से अधिक पुराने आधार कार्ड जिनका कभी अपडेट नहीं कराया गया।

मृत व्यक्तियों के नाम पर सक्रिय आधार कार्ड जिनका उपयोग गलत तरीके से सरकारी योजनाओं में किया जा रहा था

UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया, “मृत व्यक्तियों के आधार नंबर बंद करना जरूरी है ताकि किसी प्रकार का फर्जी दावा या पहचान धोखाधड़ी न हो।” सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक 2 करोड़ निष्क्रिय आधार नंबरों तक पहुंचने का है

किन लोगों के आधार कार्ड बंद हो सकते हैं?

UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं लोगों के आधार निष्क्रिय किए जाएंगे जो इन श्रेणियों में आते हैं:

10 साल से अधिक पुराने आधार कार्ड जिनका बायोमेट्रिक या डेमोग्राफिक अपडेट नहीं हुआ।

ऐसे व्यक्ति जिनके आधार रिकॉर्ड में गलत दस्तावेज़ या डुप्लिकेट जानकारी पाई गई।

मृत व्यक्तियों के नाम पर जारी कार्ड।

UIDAI के नए नियम और निर्देश 2026

अब जिनका आधार 10 साल या उससे ज्यादा पुराना है, उन्हें दस्तावेज़ और बायोमेट्रिक अपडेट करना अनिवार्य है।

जो लोग अपडेट नहीं कराएंगे, उनके आधार अस्थायी रूप से निष्क्रिय किए जा सकते हैं, जिससे बैंकिंग सेवाएं, मोबाइल सिम, गैस सब्सिडी, पेंशन आदि प्रभावित होंगी

आधार अपडेट के लिए पहले ऑनलाइन सुविधा निशुल्क थी, पर अब कुछ सेवाओं पर ₹25 से ₹75 तक का शुल्क लागू किया गया है।

जनवरी 2026 से UIDAI एक नया ऑनलाइन अपडेट सिस्टम लागू करेगा, जिसमें आपका डेटा अन्य सरकारी डेटाबेस (जैसे पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी) से स्वतः सत्यापित होगा

निष्कर्ष:

UIDAI का यह फैसला देश के आधार डेटाबेस को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य न तो आम नागरिकों को परेशान करना है।बल्कि यह सुनिश्चित करना है.कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल असली पात्रों तक पहुंचे। इसलिए यदि आपका आधार दस साल से पुराना है या उसमें कोई त्रुटि है, तो तुरंत अपडेट कराना ही सबसे समझदारी भरा कदम हैं।

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